मीरजापुर। माटीकला से जुड़े कारीगरों एवं शिल्पियों के लिए अपना व्यवसाय स्थापित करने का सुनहरा अवसर है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अमितेश कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना संचालित की जा रही है।
इस योजना के तहत माटीकला से संबंधित विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियां—जैसे खिलौना निर्माण, घरेलू उपयोग के उत्पाद (घड़ा, सुराही, जग, कुल्हड़, गिलास, अचारदानी, कटोरी, कप, प्लेट, डोंगे आदि) तथा सजावटी सामान (गुलदस्ता, गार्डन पॉट्स, बोंसाई पॉट्स, लैम्प आदि)—के लिए उद्योग स्थापित करने हेतु प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के अंतर्गत अधिकतम 10 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट पर ऋण स्वीकृत किया जाएगा, जिसमें
- 5% उद्यमी अंशदान
- 95% बैंक ऋण
अनुमन्य होगा। यह ऋण नियमानुसार 5 वर्षों के लिए देय होगा।
साथ ही पूंजीगत ऋण पर 25% मार्जिन मनी शासन द्वारा प्रदान की जाएगी, जिससे लाभार्थियों पर वित्तीय भार कम होगा। इस योजना के तहत केवल व्यक्तिगत इकाइयों की स्थापना की जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि यह योजना माटीकला से जुड़े कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक होगी तथा उनकी तात्कालिक वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगी।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यमों से 30 मई 2026 तक आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन के बाद उसकी हार्ड कॉपी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ किसी भी कार्य दिवस में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, पथरहिया रोड, मीरजापुर में जमा करनी होगी।
अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 8127311624 पर संपर्क किया जा सकता है।













